नई दिल्ली। ऑफिस जाने वाले लोग अनलॉक -1 के पहले दिन बड़ी संख्या में बाहर निकले दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा सीमा पर आज वाहनों का भारी आवागमन देखा गया।
दक्षिण दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) वे पर सुबह भारी ट्रैफिक देखा गया। सीमा पर तैनात पुलिस ने लोगों के पास व पहचान पत्रों की जांच की, जिसके चलते एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिली।
दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक पास के बिना यात्रा कर रहे लोगों को वापस लौटने को कहा। यहां तक कि मोटरसाइकिल वालों को भी वापस भेजा गया। नोएडा के निवासी प्रवीन कुमार ने कहा, “मैं सुबह दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में किसी काम से गया था लेकिन अब जब वापस नोएडा जा रहा हूं तो पुलिस ने मुझे रोक लिया है और वापस प्रवेश नहीं करने दे रही है।”
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सड़कों पर वाहनों का आवागमन सोमवार सुबह 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। कई लोग अपने कार्यालयों में भाग लेने के लिए निकले हैं। राष्ट्रीय राजधानी में भी ट्रैफिक बढ़ा। झंडेवालान, आईटीओ आदि जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर कई वाहन देखे गए। वहीं, दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-गाजियाबाद सीमाओं पर भी इसी तरह के ²श्य देखने को मिले।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शनिवार को 68-दिनों के बाद राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से बाहर निकलने को लेकर नियम जारी किए थे। सरकार ने कहा था कि अब लागू प्रतिबंध केवल 30 जून तक के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों तक सीमित रहेंगे और इन क्षेत्रों के बाहर निषिद्ध गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। रेस्तरां, मॉल, धार्मिक स्थानों और शिक्षा क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से खोलने की अनुमति देने का सरकार ने फैसला किया है।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की भी सीमा सील करने का फैसला किया गया है। कोराना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सीमाएं फिलहाल एक सप्ताह तक बंद रहेंगी। उन्होंने एक हफ्ते बाद सीमा खोलने के लिए लोगों से सुझाव भी मांगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने काफी समय तक सीमा बंद रखी थी और अब चौथे चरण के लॉकडाउन के बाद हरियाणा ने सीमा खोलने का फैसला किया है।
बहरहाल, केजरीवाल ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जरूरी सेवाओं में काम कर रहे लोगों को पास के जरिए आवाजाही की इजाजत होगी। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगी सीमाओं को खोलने के लिए उन्हें सुझाव भेज सकते हैं। इसके लिए उन्होंन दो नंबर भी जारी किए। इस संबंध में सुझाव भेजने के लिए एक वेबसाइट भी जारी की गई। दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली की सीमा सील करने के फैसले का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कुछ लोग कहेंगे कि अगर दूसरे राज्यों के लोगों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है, तो वे कोविड-19 संकट के मद्देनजर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएंगे और इससे दिल्लीवासी उनका उपयोग नहीं कर पाएंगे। केजरीवाल ने भरोसा दिलाया कि शहर में कोविड-19 के लिए इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र की ओर से दी गई सभी रियायतों देगी।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत नौकरी दिलाने का वादा करके 4,000 लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने एक ऐसी फर्जी वेबसाइट तैयार की थी, जो कि एक सरकारी वेबसाइट की तरह दिखता था और इस पर उन्होंने हजारों नौकरियों के विज्ञापन जारी किए थे। इन लोगों ने आवेदकों से पंजीकरण शुल्क के रूप में 300 से 500 रुपये तक की वसूली की।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा की देखरेख करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्हें लोगों से ‘फर्जी एजेंसी’ के संबंध में शिकायतें मिली हैं। इस फर्जी एजेंसी ने खुद का संबंध इस योजना के साथ बताया था।
आरोपियों की पहचान 37 वर्षीय उमेश, 33 वर्षीय रजत सिंह, 26 वर्षीय गौरव और 33 वर्षीय सीमा रानी के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त (साइबर प्रकोष्ठ) अन्येष रॉय ने कहा कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर गिरफ्तारी की गई है और आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के नाम पर लोगों से ठगी करने की साजिश रची। इसके लिये उन्होंने पहले आयुष्मान योजना ट्रस्ट बनाया और वेब डिजाइनर होने के नाते आरोपी रजत सिंह ने सरकारी वेबसाइट की तरह एक वेबसाइट डिजाइन की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जांच जारी है और अन्य आरोपियों को पकड़ने की कोशिश हो रही है।

मुंबई। बॉलीवुड के माचो मैन जॉन अब्राहम मलायलम फिल्म का रीमेक बनाने जा रहे हैं। ‘विकी डोनर, मद्रास कैफे और परमाणुः द स्टोरी ऑफ पोखरन’ बाद जॉन अब्राहम अब एक मलयालम थ्रिलर को अपने बैनर जे.ए एंटरटेनमेंट तले प्रोड्यूस करने जा रहे हैं।
इस साल के शुरू में आई मलयालम ब्लॉकबस्टर एके उर्फ अय्यप्पनम कोश्यम के हिंदी रीमेक अधिकार जॉन अब्राहम ने खरीद लिए हैं। ए.के का निर्देशन शची ने किया है और इसमें पृथ्वीराज सुकुमारन और बीजू मेनन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
फिल्म एक पुलिस अफसर और रईस के बीच अहंकार के टकराव की कहानी है। जॉन की इमेज के हिसाब यह एक परफेक्ट फिल्म है जिसमें एक्शन और थ्रिल के साथ अच्छी कहानी है।
जॉन ने फिल्म के रीमेक की घोषणा करते हुए कहा कि जेए एंटरटेनमेंट की कोशिश दर्शकों तक अच्छी कहानियां पहुंचाने की रही है। उन्होंने उम्मीद जताई अय्यप्पनम कोश्यम का रीमेक भी दर्शकों का मनोरंजन करेगा। जॉन ने विश्वास जताया है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री कोविड-19 के झटके से जल्द ही उबर जाएगी।

मुंबई। हॉरर-कॉमेडी वेब सीरीज ‘ऑफिशियल भूतियागिरी’ में महिला नायक की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री ईशा चोपड़ा का कहना है कि वह भूतों से डरती है लेकिन एक हॉरर शो में अभिनय करना मजेदार था। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें जीवन में कभी कोई डरावना अनुभव हुआ है, ईशा ने आईएएनएस को बताया, मुझे हमेशा से भूतों से डर लगता है। मैं उन लोगों में से एक हूं, जो हॉरर फिल्म नहीं देख सकते। यही वजह है कि मेरे लिए हॉरर करना इतना दिलचस्प था जबकि सच्चाई यह है कि मैं वास्तविक जीवन में भूतों से इतना डरती हूं।
उन्होंने आगे कहा, “मेरे मामा मुझे बचपन में डरावनी कहानियां सुनाते थे। वह मुझे बताते थे कि रात में भूत आते हैं और हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, खासकर तब जब हम रात में सोते हैं। बचपन में मैं इससे इतना डर गई थी कि कई सालों तक मैं अपनी पीठ के बल नहीं सोई।
‘ऑफिशियल भूतियागिरी’ में सुमीत व्यास, विश्वजॉय मुखर्जी, प्रणय मनचंदा भी हैं। शो की कहानी एक भूतिया रिसॉर्ट के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां मेहमान एक रोमांचक डरावना अनुभव लेने के लिए जांच करते हैं। ‘ऑफिशियल भूतियागिरी’ एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम हो रही है।

देहरादून। टेलीविजन धारावाहिक ‘ये रिश्ता क्या कहलाता’ से अपनी पहचान बनाने वालीं अभिनेत्री मोहिना कुमारी ने नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद अपने अनुभवों का खुलासा किया है। मोहिना ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर अपनी व्यथा को प्रशंसकों संग साझा किया है।
उन्होंने लिखा, सो नहीं पा रही हूं, घर पर ये शुरुआती दिन हम सभी के लिए काफी मुश्किल भरे हो गए हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए, लेकिन मैं दुआ करती हूं कि यह वक्त जल्द ही गुजर जाए। हम ठीक हैं। हमारे पास शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि कई ऐसे लोग भी हैं, जो हमसे कहीं अधिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
मोहिना ने आगे लिखा, लेकिन मैं आप सभी को आपके भेजे गए संदेशों, दुआओं और प्यार के चलते आपका शुक्रिया अदा करती हूं। यह हममें उम्मीद को बनाए रखता है। हम दिल से आप सभी के प्रति बेहद आभारी हैं। धन्यवाद। मोहिना के अलावा उनके पति सुयश रावत, उनके ससुर व उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और उनकी सास कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आए हैं।

